ट्रेड यूनियनों और राजनीतिक तथा मजूदर संगठनों ने मजदूर आंदोलन के बर्बर दमन के विरोध में


हम आप सभी के संज्ञान में लाना चाहते है कि आज दिनांक 17 मई 2026 को विभिन्न ट्रेड यूनियनों और राजनीतिक तथा मजूदर संगठनों ने मजदूर आंदोलन के बर्बर दमन के विरोध में तथा मजदूरों की सभी मांगें जो कि जायज हैं के संबंध में मुख्यमंत्री और अन्य सक्षम प्रतिनिधियों तथा अधिकारियों को ज्ञापन प्रेषित किया। आज उक्त संगठनों के सभी प्रतिनिधि हरिद्वार पुरानी तहसील में सिटी मजिस्ट्रेट ऑफिस पर उपस्थित हुए। यहां सभा करने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया गया।
सभा के दौरान वक्ताओं ने मजदूर आंदोलन के स्वतःस्फूर्त विस्फोट के रूप में फूटने के वास्तविक कारणों को रेखांकित करते हुए कहा कि लंबे समय से उद्योगों में मजदूर वर्ग का भयावह शोषण उत्पीड़न, काम के लम्बे दिन और असहनीय नारकीय जीवन परिस्थितियों ने मजदूरों को आंदोलन की ओर धकेला है। उद्योगों में मालिक, प्रबंधन पहले से ही बेहद कमजोर श्रम कानूनों और मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों को भी रौंदते रहे हैं। न्यूनतम वेतन जो भुखमरी की रेखा को बताता है वह भी मजदूरों को हासिल नहीं है।
वक्ताओं ने आगे कहा कि आंदोलन के दबाव में सरकार ने न्यूनतम वेतन में मामूली बढ़ोतरी की मगर कंपनी मालिक और प्रबंधन इसे भी लागू नहीं कर रहे हैं। मजदूरों की मांग इस वेतन को लागू करने के साथ ही आज की महंगाई के अनुरूप 20 हजार करने की है। यह मांग वाजिब है। इसी अनुरूप बोनस आदि दिया जाना चाहिए।
वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि आंदोलन किसी के कहने सुनने से नहीं भड़कता। आंदोलन की मूल वजह भयानक शोषण उत्पीड़न और नारकीय जीवन परिस्थितिया हैं। निश्चित तौर पर इसके लिए सरकार और सरकार की नीतियां जिम्मेदार है। जब तक ये परिस्थितया बनी रहेंगी तब तक आंदोलन होते रहेंगे। जरूरी है कि इन परिस्थितियों को खत्म किया जाय।
अंत में सभी वक्ताओं ने मजदूर आंदोलन के बर्बर दमन का विरोध किया। मजदूरों की अवैध हिरासत और मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं की नजरबंदी की आलोचना की गई। फर्जी मुकदमों को रद्द करने की मांग की गई। साथ ही गिरफ्तार मज़दूरों को रिहा करने एवं मजदूरों एवं मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं पर लगे फर्जी मुकदमे तत्काल रद्द करने की मांग की गई।

                                                                                     द्वारा :-
                                                             संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा, हरिद्वार अवधेश कुमार, राज किशोर, सत्यवीर, देवेंद्र ब्रजराज गोविंद वाजिद खान
                                                      प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, से दीपा , नीता, मालती 
                                                         प्रगतिशील भोजन माता संगठन, हरिद्वार रजनी, कमरा मीनी
                                           इंकलाबी मजदूर केंद्र हरिद्वार से पंकज, जयप्रकाश 
                                                              क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, हरिद्वार नासिर, 

जन अधिकार संगठन से साथी ओमपाल मोहम्मद जोक

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