दिनांक: 12 जून 2026
स्थान: अलकनंदा होटल ग्राउंड, हरिद्वार
भारतीय किसान मजदूर जनसेवा यूनियन का राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न, पूरी 26 सूत्री मांगों के साथ सरकार को ज्ञापन सौंपने का ऐलान
हरिद्वार स्थित अलकनंदा होटल ग्राउंड में तीन दिन से चल रहे भारतीय किसान मजदूर जनसेवा यूनियन के राष्ट्रीय अधिवेशन का समापन आज 12 जून 2026 को पूरी 26 सूत्री मांगों के मांग पत्र को अंतिम रूप देकर हुआ। यूनियन ने घोषणा की कि यह मांग पत्र प्रधानमंत्री एवं सभी मुख्यमंत्रियों को सौंपा जाएगा। 3 महीने में कार्यवाही न होने पर देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।
प्रमुख वक्ताओं के संबोधन:
राष्ट्रीय सचिव श्री अभिषेक यादव जी ने उज्ज्वला योजना की जमीनी हकीकत पर हमला बोलते हुए कहा कि “साल में 4 सिलेंडर देकर सरकार ने योजना को शोपीस बना दिया है।” उन्होंने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए कि “अस्पताल है तो डॉक्टर नहीं, दवाई नहीं। हर गांव में डॉक्टर सहित अस्पताल होना चाहिए।” राष्ट्रीय महामंत्री श्री अमर सिंह जी ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया और MSP कानून की मांग दोहराई।
समापन सत्र में जारी 26 सूत्री मांग पत्र:
- C-2 + 50% फार्मूले पर MSP कानून बनाकर गारंटी दी जाए।
- उज्ज्वला योजना में साल में 12 सिलेंडर पर सब्सिडी या गैस सिलेंडर का दाम 500 रुपये तय हो।
- स्वामीनाथन आयोग की सभी सिफारिशें पूरी तरह लागू हों।
- किसान-मजदूर का सम्पूर्ण कर्ज माफ किया जाए।
- 60 वर्ष से अधिक के किसान-मजदूरों को 5000 रुपये मासिक पेंशन मिले।
- बिजली बिल माफी – खेती और घरेलू बिजली बिल माफ हों, ट्यूबवेल फ्री बिजली मिले।
- हर गांव में शिक्षक सहित सरकारी इंटर कॉलेज और डॉक्टर-दवाई सहित सरकारी अस्पताल बने।
- नकली खाद, बीज, कीटनाशक बेचने वालों पर रासुका लगाकर आजीवन कारावास हो।
- आवारा पशुओं से फसल बचाने को हर ब्लॉक में गौशाला बने, किसानों को मुआवजा मिले।
- मनरेगा में 200 दिन काम और 600 रुपये दैनिक मजदूरी तय हो, भुगतान 15 दिन में हो।
- भूमि अधिग्रहण पर किसान की सहमति अनिवार्य हो, बाजार रेट से 4 गुना मुआवजा मिले।
- टोल टैक्स – किसान को ट्रैक्टर-ट्रॉली, कृषि उपकरण पर टोल से पूरी छूट मिले।
- गन्ना भुगतान 14 दिन में ब्याज सहित हो, देरी पर मिल मालिक की संपत्ति कुर्क हो।
- फसल बीमा योजना सरल हो, बर्बादी पर 72 घंटे में खेत में सर्वे कर भुगतान हो।
- नहरों में समय से पानी और टेल तक पहुंच सुनिश्चित हो, हर साल सफाई हो।
- दूध का न्यूनतम मूल्य 50 रुपये प्रति लीटर तय हो और सरकारी खरीद की गारंटी हो।
- खेत-मजदूरों के लिए साल में 300 दिन रोजगार की गारंटी वाली अलग योजना बने।
- शहीद किसान परिवारों को 1 करोड़ मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले।
- कृषि उपकरण GST मुक्त हों, ट्रैक्टर-हार्वेस्टर पर 80% सब्सिडी मिले।
- बटाईदार किसानों का पंजीकरण हो, सभी योजनाओं का लाभ मिले।
- मंडी में दलाल प्रथा खत्म हो, किसान को सीधे उपभोक्ता को बेचने की व्यवस्था हो।
- जंगली जानवरों से फसल नुकसान पर तुरंत 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा मिले।
- युवा किसानों को स्टार्टअप के लिए बिना गारंटी 10 लाख तक लोन मिले।
- महिला किसानों के नाम जमीन का पट्टा हो, किसान क्रेडिट कार्ड प्राथमिकता से मिले।
- प्राकृतिक आपदा में बिना सर्वे के 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा मिले।
- किसान आयोग बने जिसमें 50% सदस्य प्रगतिशील किसान हों, हर फैसला किसान की सहमति से हो।
अधिवेशन में उपस्थित राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारीगण:
राष्ट्रीय सचिव श्री अभिषेक यादव जी, राष्ट्रीय महामंत्री श्री अमर सिंह जी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री आर. के. लोधी जी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमित यादव जी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री प्रदीप कुमार बबलू जी, युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संदीप कुमार यादव जी, प्रदेश महासचिव श्री राम सिंह जी, प्रदेश सचिव श्री राजनाथ यादव जी, जौनपुर जिला अध्यक्ष श्री रवि प्रकाश सिंह जी, किसान मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विनय कुमार जी, महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती आरती राठौर जी, महिला राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती महेंदी जी, महिला प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती संत रामपाल जी, सिकरारा ब्लॉक अध्यक्ष जौनपुर श्री उमेश यादव जी, श्री राम बहादुर यादव जी, सदर तहसील अध्यक्ष जौनपुर श्री सत्रोहन लोधी जी, श्री रामकरण जी, श्री नंदकिशोर जी, श्री सुधांशु जी एवं श्री दिनेश यादव जी सहित हजारों कार्यकर्ता तीनों दिन मौजूद रहे।
अधिवेशन का समापन “जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं” के संकल्प के साथ हुआ।
भवदीय
अभिषेक यादव
राष्ट्रीय सचिव
भारतीय किसान मजदूर जनसेवा यूनियन

