सेवा में,
महामहिम राष्ट्रपति महोदया,
भारत गणराज्य,
राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली।
विषय: किसानों, खेत मजदूरों, श्रमिकों, युवाओं एवं आम नागरिकों के हितों की रक्षा तथा कृषि, श्रम एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान हेतु ज्ञापन।
महोदया,
सादर निवेदन है कि दिनांक 04, 05 एवं 06 जून 2026 को पावन गंगा तट स्थित अलकनंदा गंगा घाट, हरिद्वार (उत्तराखण्ड) में भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति द्वारा तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर का आयोजन किया गया। इस चिंतन शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से आए हजारों किसान, खेत मजदूर, श्रमिक, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कमलेश यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में कृषि, श्रम, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, बढ़ती महंगाई, खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, लोकतांत्रिक अधिकारों एवं देश के समग्र विकास से जुड़े विषयों पर गंभीर चर्चा एवं गहन मंथन किया गया। विचार-विमर्श के उपरांत सर्वसम्मति से निम्नलिखित मांगों को पारित करते हुए आपके माध्यम से भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
आज देश का किसान बढ़ती कृषि लागत, प्राकृतिक आपदाओं, कर्ज एवं फसलों के उचित मूल्य न मिलने की समस्या से जूझ रहा है। खेत मजदूर और श्रमिक वर्ग रोजगार, सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है। वहीं आम नागरिक भी बढ़ती महंगाई और आर्थिक असुरक्षा से प्रभावित है। ऐसी परिस्थितियों में निम्नलिखित मांगों पर तत्काल प्रभाव से कार्यवाही किया जाना जनहित एवं राष्ट्रहित में अत्यंत आवश्यक है।
प्रमुख मांगें
- स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सभी कृषि उपजों पर सी-2 लागत + 50 प्रतिशत लाभ के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित कर उसकी कानूनी गारंटी सुनिश्चित की जाए।
- किसानों को डीजल, बिजली, उर्वरक, बीज, कीटनाशक एवं कृषि यंत्रों पर विशेष राहत प्रदान कर कृषि लागत कम की जाए तथा खेती को लाभकारी बनाया जाए।
- छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए प्रभावी कर्ज राहत नीति लागू की जाए तथा किसानों की आय बढ़ाने हेतु विशेष आर्थिक पैकेज घोषित किया जाए।
- आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा हेतु स्थायी एवं प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए तथा प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को समयबद्ध एवं पर्याप्त मुआवजा दिया जाए।
- गन्ना किसानों का समस्त बकाया भुगतान ब्याज सहित कराया जाए तथा गन्ने का लाभकारी मूल्य घोषित किया जाए।
- सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार एवं आधुनिकीकरण किया जाए तथा किसानों को पर्याप्त एवं सस्ती सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
- फसल बीमा योजना को पूर्णतः पारदर्शी, जवाबदेह एवं किसान हितैषी बनाया जाए तथा किसानों को वास्तविक नुकसान के अनुरूप मुआवजा सुनिश्चित किया जाए।
- रिक्त सरकारी पदों पर शीघ्र भर्ती कर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाए तथा संविदा, आउटसोर्सिंग एवं ठेका व्यवस्था में कार्यरत श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए।
- किसानों, खेत मजदूरों एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का व्यापक विस्तार किया जाए।
- देश के सभी किसानों, खेत मजदूरों एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए न्यूनतम ₹10,000 प्रतिमाह सम्मानजनक वृद्धावस्था पेंशन लागू की जाए तथा पेंशन राशि को महंगाई के अनुरूप समय-समय पर संशोधित किया जाए।
- भारत के प्रत्येक 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के पंजीकृत मतदाता के लिए “मतदाता सम्मान पेंशन योजना” लागू की जाए तथा प्रत्येक पात्र नागरिक को न्यूनतम ₹10,000 प्रतिमाह सम्मानजनक पेंशन प्रदान की जाए, जिससे आम नागरिकों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो सके।
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जाए ताकि प्रत्येक पात्र परिवार को खाद्य सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित हो सके।
- कृषि आधारित उद्योगों, भंडारण केंद्रों, कोल्ड स्टोरेज, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों एवं ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाए।
- कृषि, खाद्य सुरक्षा एवं राष्ट्रीय संसाधनों से जुड़े महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपक्रमों के अंधाधुंध निजीकरण पर रोक लगाई जाए तथा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
- किसानों, मजदूरों एवं आम नागरिकों के लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए तथा शांतिपूर्ण जन आंदोलनों के अधिकार का सम्मान किया जाए।
निष्कर्ष
महोदया,
राष्ट्रीय चिंतन शिविर में उपस्थित हजारों किसानों, मजदूरों, श्रमिकों, युवाओं एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का यह स्पष्ट मत है कि देश की आर्थिक प्रगति, खाद्य सुरक्षा एवं सामाजिक स्थिरता का आधार किसान, मजदूर और आम नागरिक हैं। यदि कृषि, श्रम और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों को सशक्त बनाया जाता है तो भारत आत्मनिर्भर, समृद्ध और न्यायपूर्ण राष्ट्र के रूप में और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि उपर्युक्त मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए भारत सरकार को आवश्यक एवं प्रभावी कार्यवाही हेतु निर्देशित करने की कृपा करें, जिससे देश के करोड़ों किसान, खेत मजदूर, श्रमिक, युवा एवं आम नागरिक सम्मानजनक जीवन एवं सुरक्षित भविष्य प्राप्त कर सकें।
आपकी महान कृपा होगी।
दिनांक: 06 जून 2026
स्थान: हरिद्वार, उत्तराखण्ड
निवेदक
कमलेश यादव
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति
सत्येंद्र कुमार मौर्य
राष्ट्रीय प्रवक्ता
भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति
तथा
राष्ट्रीय चिंतन शिविर, हरिद्वार में उपस्थित हजारों किसान, खेत मजदूर, श्रमिक, युवा एवं विभिन्न जनसंगठनों के प्रतिनिधिगण।

