उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रवक्ता अधिनियम प्रताप ने स्वामी रामदेव के उस बयान का स्वागत किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि जैनजी और नौजवानों की बात नहीं सुनी गई तो मोदी सरकार के खिलाफ अगर उन्हें अनशन भी करना पड़ा तो वह करेंगे।
धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि लंबे समय के बाद स्वामी रामदेव की आत्मा जगी है और यह एक अच्छा संकेत है ।
उन्होंने कहा रामदेव संकल्प के पक्के माने जाते हैं और जाहिर है देश के जो हालात है उसमें इस तरह के सत्याग्रह और इस तरह के संघर्ष की आज महत्ती जरूरत है ।
धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि अगर रामदेव सड़कों पर आते हैं तो निश्चित तौर पर जो विपक्षी दल है उनको भी उन पर विचार करना पड़ेगा और सरकार का जो पूरी तरह से देश में फैलियर हो चुका है उसको देखते हुए उनके संघर्ष में सहयोग करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि देश का नौजवान हताशा में है और प्रधानमंत्री यह कहने में लगे हैं की वह लोग नक्सली भावना से पीड़ित हैं। जो आंदोलन कर रहे हैं उन्होंने भाजपा के नेताओं से कहा कि अब जब रामदेव जी स्वयं अपने बयान दे चुके हैं भाजपा के प्रवक्ताओं को बताना होगा की क्या रामदेव भी नक्सली दिमाग के हैं और सरकार के विरुद्ध जो बातें कर रहे हैं वह
” दिमागी नक्सल”के दिमाग की ही पैदाइश हो सकती है।

