अखिल भारतीय सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी (रजिo) ने आयोजित किया राष्ट्रीय सम्मेलन, विजन 2030 पर हुई चर्चा ।


अखिल भारतीय सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी (रजिo) ने आयोजित किया राष्ट्रीय सम्मेलन, विजन 2030 पर हुई चर्चा ।
बुजुर्गों के अनुभव युवाओं के काम आ सकते हैं, वहीं युवाओं से बुजुर्ग तकनीकि बारिकियां सीख सकते हैं। युवाओं और बुजुर्गो के बीच सामाजिक तालमेल को बेहतर करने के लिए वरिष्ठ नागरिकों ने एक पहल की है। जिसके तहत युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच संवाद स्थापित करने के लिए डिजिटल मंच के जरिए डिजिटल सदस्य बनाने और स्कूलों, कॉलेजों में संपर्क करने पर सहमति बनाई गई है।
देशभर के वरिष्ठ नागरिकों को एक मंच पर लाने, हितों की रक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच मंच स्थापित करने सहित कई मुद्दों पर पहला राष्ट्रीय सम्मेलन दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसमें संस्था के देशभर के 100 से अधिक वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री श्री रविंदर इंद्रराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे ।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री रविन्दर इंद्रराज ने कहा कि वृदाआश्रम का चलन हमारी संस्कृति नहीं रही है, बदलाव ठीक है लेकिन संस्कारों से विमुख होकर आया बदलाव चरित्र का पतन करता है । समाज कल्याण मंत्री ने स्वयंसेवी संस्था के कार्यों की सराहना की और सदस्यों से कहा कि खुद को सीनियर सिटिजन न मानें, और इसी उर्जा के साथ कार्य करते रहें।
सम्मेलन में अखिल भारतीय सीनियर सिटिजन वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष केएल अरोड़ा ने कहा कि संस्था गत 17 वर्षों से उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड में काम कर रही है। संस्था को राष्ट्रीय स्तर का पंजीकरण मिलने के बाद संस्था के विजन 2030 के अंतर्गत हमने सात एजेंडों पर काम करने के लिए प्रतिनिधियों के साथ सार्थक चर्चा की।
संस्था के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट भारत भूषण इलाहाबादी ने कहा कि संस्था युवा पीढ़ी और सीनियर सिटिजन वर्ग के बीच एक मंच का काम करेगी, जिससे मतभेद दूर होने के साथ ही जानकारियों को भी साझा किया जा सके। साइबर मंच के जरिए जानकारियों का आदान-प्रदान किया जा सकेगा। उदाहरण के लिए साइबर फ्रॉड की जानकारी वरिष्ठ नागरिक युवाओं से सीखेंगे, इसके लिए युवाओं को डिजिटल सदस्य के रूप में संस्था से जोड़ा जाएगा। भारत भूषण ने कहा कि युवाओं को कॉकरोच बनने की नहीं, बल्कि लॉयन बनने की जरूरत है। युवाओं के ज्ञान को सही दिशा देकर देश को विकसित बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर हरिद्वार से नेशनल वाइस प्रेसिडेंट जगदीश लाल पाहवा ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों का लाभ युवाओं तक पहुंचाने के लिए समय-समय पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में बुजुर्गों के सम्मान एवं उनके मानसिक और आध्यात्मिक सशक्तिकरण हेतु “मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ” योजना के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों के लिए निशुल्क तीर्थ यात्राओं का आयोजन भी किया जाना चाहिए, जिससे नई पीढ़ी में अपने बुजुर्गों के प्रति सम्मान और संस्कारों की भावना मजबूत हो सके।
राष्ट्रीय सम्मेलन में जाने-माने हास्य कवि अनिल अग्रवंशी और विनीत पांडे ने अपनी हास्य रचनाओं की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महासचिव श्री संदीप गुप्ता, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अतुल चुग, देहरादून से राष्ट्रीय सचिव के.के. ओबरॉय, नोएडा से ठाकुर सूर्यकांत सिंह, राजेंद्र शर्मा, शिव कुमार गौड़, यशपाल मलिक, आर.के. जैन, अजय अत्री, अध्यक्ष अरुण सूरी, महासचिव सहारनपुर, उत्तराखंड से प्रदेश महासचिव एस.पी. गुप्ता के नेतृत्व में आर.के. अग्रवाल, महेंद्र खन्ना, हरियाणा खत्री सभा से सुरेश अरोड़ा, अशोक गाबा, हरिद्वार से समाजसेवी प्रमोद शर्मा, बी.पी. गुप्ता अध्यक्ष कोंफिडरेशन सीनियर सिटिजन एसोसिएशन ऑफ़ देवांचल एवं दिवाकर गुप्ता गेस्ट फैकल्टी पंडित पुर्नानन्द कॉलेज ऑफ़ लॉ सहित विभिन्न इकाइयों एवं वरिष्ठ नागरिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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