स्त्री शिक्षा के बड़े पैरोकार थे डा.अंबेडकर-प्रोफेसर चंद्रकांता माथुर
हरिद्वार, 14 अप्रैल। डा.भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वेलफेयर सोसाइटी के संयोजन में अंबेडकर जयंती धूमधाम से मनायी गयी। शिवालिक नगर स्थित भेल सामुदायिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया। आर.यू. प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का संचालन देवेंद्र भास्कर एवं कल्पना ने किया। सोसाइटी के उपाध्यक्ष ब्रह्मपाल ने सोसाइटी के कार्यो से अवगत कराया। बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और गुरू रविदास कीर्तन मंडल द्वारा गीत संगीत के माध्यम से बाबा साहेब डा.अंबेडकर के जीवन पर आधारित प्रस्तुति दी।
सोसाइटी के पदाधिकारियों अध्यक्ष भानपाल सिंह, महासचिव चंद्रपाल सिंह व कोषाध्यक्ष देवेंद्र भास्कर ने अतिथीयों का पगड़ी पहनाकर एवं शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। मुख्य अतिथी नेशनल एक्शन फोरम ऑफ सोशल जस्टिस के राष्ट्रीय अध्यक्ष नानकचंद्र विशिष्ठ अतिथी दिल्ली विवि की प्रोफेसर चंद्रकांता के माथुर ने कहा कि डा.भीमराव अंबेडकर स्त्री शिक्षा के बड़े पैरोकार थे। संविधान की रचना कर उन्होंने स्त्रीयों के लिए शिक्षा और तरक्की के द्वार खोले। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का मानना था कि शिक्षा ही प्रगति का द्वार है। इसलिए अपने बच्चों खासतौर पर बेटियों को शिक्षा के लिए प्रेरित करें। अध्यक्ष भानपाल सिंह एवं महासचिव चंद्रपाल सिंह ने सभी को अंबेडकर जन्मोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि दलितों शोषितों पिछड़ों को न्याय दिलाने वाले बाबा साहेब के जीवन से प्रेरणा लें। समानता एवं न्याय के आदर्शो को स्थापित कर डा.अंबेडकर ने देश को मजबूती प्रदान करने का काम किया। इस अवसर पर पीएल कपिल, पूर्व सांसद ईसम सिंह, सुशीला, सत्यपाल, नाथीराम, सुखपाल, मंजीत, अशोक कटारिया, तीर्थपाल रवि, दर्शन लाल, राजवीर चौहान, भानपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
स्त्री शिक्षा के बड़े पैरोकार थे डा.अंबेडकर-प्रोफेसर चंद्रकांता माथुर

