आध्यात्मिक कविता के लिए श्रीगोपाल नारसन का नाम लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज!


रुड़की-विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के उपकुलपति एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ श्रीगोपाल नारसन द्वारा विगत 11 वर्षों से प्रतिदिन एक आध्यात्मिक कविता लिखने व उपभोक्ता कानून जागरूकता के लिए उनका नाम लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।यूनाइटेड किंगडम यूरोपियन यूनियन हैड डॉ लिवान जसिनिया व इंटरनेशनल चेयरमैन डॉ डी साकुंडे द्वारा 28 फरवरी को जारी प्रमाण पत्र में श्रीगोपाल नारसन की उक्त उपलब्धि के लिए प्रसंशा की गई है।विदित हो श्रीगोपाल नारसन प्रतिदिन ब्रह्माकुमारीज विचारों से प्रेरित आध्यात्मिक एवम सदाचरण से जुड़ी 12 पंक्तियों की कविता अमृतबेला में सुबह 4 बजे लिखते है और 11 वर्षों में कभी ऐसा नही हुआ जो उनसे कविता लिखने का क्रम छुटा हो,इसे एक रिकॉर्ड मानते हुए ही उनका नाम लंदन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।इसी के साथ वे उपभोक्ता जागरूकता अभियान भी निरंतर चला रहे है।

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